गैलरी

‘पितृ पर्वत’ या ‘पितरेश्वर धाम’ एक धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल होने के साथ ही एक बड़े सामाजिक बदलाव का भी केंद्र बन गया है। इंदौर शहर और दूर-दूर के हजारों लोगों द्वारा अपने पितरों की स्मृति में लगाए गए पेड़ एक बड़े सामाजिक बदलाव की भी कहानी कहते हैं। दूर-दूर से आने वाले हजारों लोग लगभग 15-20 वर्ष पूर्व अपने द्वारा लगाए गए पौधों को वृक्ष बनते देखते हैं। इन सभी पेड़ों के साथ इन परिवारों के नाम भी चिन्हित किए गए हैं। लगभग बंजर पड़े इस इलाके में इन पेड़ों के लगने के बाद तापमान में भी भारी गिरावट आई है और लोग शुद्ध हवा गृहण करने के लिए भी यहां आ रहे हैं। पेड़ों के बड़े होने के कारण कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी भी यहां देखे जा सकते हैं।